Jab aapkee sari branch compliance issues mein implicate ho sakti ho, tab branch mein hum sab ki shkalien dekh ke, Aamir Usmani Sahab alag hi zaviye se yaad aa jate hain 🙃
ये तलअतें बुझी बुझी, ये दाग़ दाग़ कहकशाँ
तलअतें बुझी बुझी — “तलअत” का मतलब है चेहरा या रूप। “बुझी बुझी” तलअतें मतलब ऐसी शक्लें या चेहरे जिनमें कोई चमक, कोई जीवन नहीं है — जैसे वे थक चुके हों, उदासी से भरे हों।
दाग़ दाग़ कहकशाँ — “कहकशाँ” यानी आकाशगंगा (milky way)। और “दाग़ दाग़” यानी दागों से भरी हुई। यानी, जो चीज़ आसमान की सबसे खूबसूरत चीज़ मानी जाती है — वह भी अब दागों से भरी हुई नज़र आ रही है।